"विद्या ददाति विनयम्" के आदर्श को आत्मसात करते हुए आप सभी का सेठ धासी लाल समर राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, हमीरगढ़ परिवार में हार्दिक स्वागत है। हमारा विद्यालय संस्कृत शिक्षा, भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं आधुनिक ज्ञान के समन्वय के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता से समृद्ध करना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए समाज और राष्ट्र के आदर्श नागरिक बन सकें। विद्यालय में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों को भी समान महत्व दिया जाता है।
हमारे विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियाँ, राज्य स्तरीय सम्मान एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन विद्यालय की गौरवशाली परंपरा के प्रतीक हैं। यह सफलता शिक्षकों के समर्पण, विद्यार्थियों की मेहनत एवं अभिभावकों तथा समाज के सहयोग का परिणाम है। मुझे विश्वास है कि हमारा विद्यालय ज्ञान, संस्कार और संस्कृति की इस पावन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।
डॉ. के.जी. जागिड (प्रधानाचार्य)
सेठ धासी लाल समर राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, हमीरगढ़